मध्य प्रदेश में 15 महीने पुरानी कांग्रेस सरकार गिर गई है. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस्तीफा दे दिया है. आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने साजिश करके और प्रलोभन देकर उसके 22 विधायकों को बंधक बना लिया था. कमलनाथ ने दावा किया कि 15 महीनों के दौरान उनकी सरकार ने जो विकास कार्य किए उनसे 15 साल शासन करने वाली भाजपा घबरा गई थी, इसलिए उसने सरकार गिराने की साजिश की. उन्होंने कहा कि ऐसा करके पार्टी ने मध्य प्रदेश के लोगों के साथ विश्वासघात किया है.

हाल में भाजपा में शामिल हो चुके ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी. कांग्रेस की तरफ से इन बागी विधायकों को मनाने की काफी कोशिशें की गईं, लेकिन ये असफल रहीं. इसी दौरान 16 मार्च को विधानसभा की कार्यवाही 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई थी. सदन के अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने इसके पीछे कोरोना वायरस से उपजे हालात को वजह बताया था.

इससे पहले राज्यपाल लालजी टंडन ने सरकार को विश्वासमत परीक्षण का आदेश दिया था. लेकिन कांग्रेस का कहना था कि राज्यपाल को ऐसा करने का अधिकार नहीं है. इसके बाद भाजपा इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गई जिसने कमलनाथ को आज ही बहुमत साबित करने का आदेश दिया. लेकिन इससे पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया. माना जा रहा है कि अब शिवराज सिंह चौहान की मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर वापसी हो सकती है.