चीन की सरकार ने एक असाधारण फैसले में दुनिया को कोरोना वायरस से आगाह करने वाले डॉक्टर के परिवार से माफी मांगी है. सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी की अनुशासन मामलों की समिति ने माना है कि डॉक्टर ली वेनलियांग के मामले में उससे गलती हुई. डॉक्टर ली वेनलियांग को चेतावनी देने वाले दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात भी कही गई है.

34 साल के डॉक्टर ली वेनलियांग की मौत बीते महीने वुहान शहर के उसी अस्पताल में हुई जहां वे काम करते थे. ली वेनलियांग ने ही दिसंबर में सोशल मीडिया पर डॉक्टरों के एक ग्रुप में यह जानकारी दी थी कि उन्हें सार्स जैसे एक नए कोरोना वायरस का पता चला है. सार्स ने 2002-03 के दौरान 800 से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी.

हालांकि इसके बाद पुलिस ने ली को फटकार लगाई. उन पर आरोप लगाया गया कि वे अफवाह फैला रहे हैं. इसके लिए उन पर आपराधिक आरोप तय किए जाने की धमकी भी दी गई थी. यह जनवरी के पहले हफ्ते की बात है. तब से लेकर अब तक कोरोना वायरस पुरी दुनिया में करीब 10 हजार लोगों की जान ले चुका है. दो लाख से ज्यादा लोग इसकी चपेट में हैं. ली वेनलियांग की मौत के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी थी.

चीन पर अक्सर उन सूचनाओं को छिपाने का आरोप लगता रहा है जो उसकी छवि खराब करें. इस सदी के शुरुआत में फैले सार्स से लेकर मुद्रा के अवमूल्यन तक चीन की सरकार या तो सूचनाएं छिपाती है या फिर उन्हें अपनी सुविधा के हिसाब से बदलकर दुनिया तक पहुंचाती है. इस लिहाज से डॉक्टर ली वेनलियांग के परिवार से उसका माफी मांगना एक अप्रत्याशित बात है.