कोरोना वायरस से पूरी दुनिया में हो रही मौतों का आंकड़ा 19 हजार के पार हो गया है. चार लाख से ज्यादा लोग इसकी चपेट में हैं. इनमें सबसे गरीब से लेकर सबसे ताकतवर शख्सियतों तक हर तरह के लोग शामिल हैं. यही वजह है कि कोरोना वायरस को लेकर पूरी दुनिया में चिंता है. लेकिन जानकारों का मानना है कि इस चिंता और घबराहट के मारे आपको कुछ भी ऐसा नहीं करना चाहिए कि संकट बढ़ जाए:

घर में राशन और दूसरी चीजों का ज्यादा से ज्यादा स्टॉक भरने की कोशिश

अमेरिका से लेकर भारत तक खबरें आ रही हैं कि कोरोना वायरस के बढ़ते संकट के बीच लोगों ने सुपर मार्केट से लेकर घर के पास की दुकानों तक भीड़ लगानी शुरू कर दी है. वे इस कोशिश में हैं कि राशन और दूसरी चीजों का ज्यादा से ज्यादा स्टॉक घर में रख लिया जाए जो मुसीबत में काम आए. लेकिन जानकारों का मानना है कि इससे जल्द ही इन सारी चीजों की किल्लत हो सकती है और स्थितियां बदतर हो सकती हैं जिनका सामना आपको ही करना होगा. यानी आप खुद ही अपने लिए संकट बढ़ा सकते हैं. यही वजह है कि राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसे लेकर आगाह किया. लोगों को डरकर खरीदारी न करने की नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि देश में दूध, खाने-पीने का सामान, दवाइयां और दूसरी जरूरी चीजों का पर्याप्त स्टॉक है और आगे भी इसकी कमी नहीं होने दी जाएगी.

अनावश्यक डॉक्टरों और अस्पतालों के चक्कर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को इससे बचने की भी सलाह दी है. उनका कहना था, ‘संकट के इस समय में लोग रूटीन चेक-अप के लिए अस्पताल जाने से जितना बच सकते हैं, उतना बचें.’ जानकारों के मुताबिक इस समय जरूरत इस बात की है कि स्वास्थ्य तंत्र पर अनावश्यक बोझ न पड़े और इस बड़ी चुनौती से निपटने के लिए जितने ज्यादा संभव हों, उतने संसाधन झोंके जा सकें. यह इसलिए भी जरूरी है कि अस्पताल और क्लीनिक संक्रमणों के फैलने के लिए सबसे अनुकूल जगह होते हैं और अगर लोग इस नसीहत का पालन करेंगे तो उनके कोरोना वायरस से बचने की संभावना भी बढ़ जाएगी. इसके अलावा अगर आपको खुद को कोविड-19 (कोरोना वायरस से होने वाला रोग) होने का शक हो तो सीधे अस्पताल न पहुंच जाएं क्योंकि ऐसा करने पर आप कई अन्य लोगों को भी संक्रमित कर सकते हैं. ऐसी हालत में पहले अस्पताल से या सरकार द्वारा दिये गये नंबरों पर संपर्क करें और फिर वहां से जो कहा जाए उस पर अमल करें.

घर छोड़कर कुछ दिन के लिए घूमने चले जाना

इन दिनों बोकारो स्टील सिटी से लेकर कोटा तक कई छोटे शहरों में अपने मकानों में अकेले रह रहे बुजुर्ग खुश हैं. अचानक उनके घरों में रौनक बढ़ गई है. क्योंकि दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों से उनके बच्चे और नाती-पोते उनके साथ रहने के लिए आ रहे हैं. असल में बहुत से लोगों को कोरोना से बचने के लिए एक रास्ता यह भी नजर आ रहा है. लेकिन जानकारों का कहना है कि यह जोखिम भरा हो सकता है. तमाम सावधानी के बावजूद आप उन बुजुर्गों की जान को खतरे में डाल सकते हैं जिन्हें कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा खतरा है. हो सकता है आपको यह संक्रमण हो, लेकिन आपमें अभी इसके लक्षण न हों या फिर आप रास्ते में इसका शिकार हो जाएं. इसलिए जानकारों के मुताबिक इस समय सारी सावधानी के साथ घर पर रहना ही सर्वोत्तम उपाय है.

लेकिन घर पर रहकर भी जरूरत से ज्यादा परेशान न हों

कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को भी है जिनकी रोग प्रतिरोध क्षमता यानी इम्यूनिटी कमजोर है. यह एक स्थापित तथ्य है कि हमारी जो इम्यूनिटी तरह-तरह के वायरसों की दुश्मन है उसके सबसे बड़े दुश्मनों में से एक तनाव है. एक वेबसाइट से बातचीत में दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में डिपार्टमेंट ऑफ मेंटल हेल्थ के डायरेक्टर डॉ समीर मल्होत्रा भी इसकी पुष्टि करते हैं. वे कहते हैं, ‘तन और मन के बीच एक लिंक होता है...जब हमारा मन खराब होता है, तो तन पर भी इसके लक्षण दिखाई देते हैं.’ इसलिए जानकारों के मुताबिक अगर आप कोरोना वायरस से उपजे हालात के चलते घर पर रहने को मजबूर हैं तो इसके बारे में ज्यादा सोचें नहीं. तनाव घटाने के लिए योग और व्यायाम का सहारा लें, भले ही आप इसे 15 ही मिनट दें पर ऐसा जरूर करें. इसके अलावा आपस में या अपने बच्चों या पेट्स के साथ खेल सकते हैं जिससे तनाव घटाने में मदद मिलेगी.

सोशल मीडिया पर आने वाली हर चीज पर भरोसा न करें

कोरोना वायरस से घबराए और घर पर बैठे लोगों के लिए यह भी जरूरी है कि वे 24 घंटे फेसबुक या वाट्सएप पर बरस रहे हर ज्ञान पर भरोसा न करें. इस तरह के ज्ञान में कोरोना वायरस के इलाज के देसी नुस्खों से लेकर जादुई मंत्र तक तमाम चीजें शामिल हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय से लेकर डब्ल्यूएचओ तक ऐसी कई वेबसाइटें हैं जहां से आप कोरोना वायरस के बारे में प्रमाणिक जानकारी हासिल कर सकते हैं. याद रखें, कई बार बीमारी से ज्यादा उसके बारे में गलत जानकारी घातक साबित होती है.