1- दुनिया के 168 देश कोरोना वायरस की चपेट में हैं. इससे हुई मौतों का आंकड़ा 11 हजार को पार कर गया है और संक्रमित लोगों की संख्या पौने तीन लाख के आसपास पहुंच गई है. बीबीसी का यह लेख बताता है कि जिस तेजी से मामले बढ़ रहे हैं उन्हें देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि भारत कोरोना वायरस का अगला सबसे बड़ा शिकार हो सकता है.

‘कोरोना वायरस की भारत में सुनामी आने वाली है’

2-पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के राज्य सभा में आने को लेकर सवाल उठ रहे हैं और इनके घेरे में अयोध्या विवाद सहित कई अहम मामलों में लिए गए उनके फैसले भी हैं. लेकिन पूर्व मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली लगभग सभी पीठों में फैसले सर्वसम्मति से हुए या फिर पीठ के अन्य सदस्यों ने उनके निष्कर्ष से सहमति व्यक्त की. ऐसी स्थिति में यह सोचने वाली बात है कि इन मामलों में सुनाये गये फैसलों को रंजन गोगोई के राज्य सभा जाने से जोड़ना किस हद तक उचित है. द प्रिंट हिंदी पर अनूप भटनागर की टिप्पणी.

क्या पूर्व सीजेआई गोगोई पर हमला कर अप्रत्यक्ष रूप से अन्य न्यायाधीशों को निशाना बनाया जा रहा है?

2-रंजन गोगोई को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा राज्यसभा में नामित किए जाने से पहले बीते जनवरी में राष्ट्रपति ने उनके भाई और सेवानिवृत्त एयरमार्शल अंजन गोगोई को नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल (एनएसई) के पूर्णकालिक सदस्य के बतौर मनोनीत किया था. एनईसी के मनोनीत सदस्य को राज्य मंत्री का दर्जा हासिल है. एनईसी के 40 साल के इतिहास में अंजन गोगोई राष्ट्रपति द्वारा इसके मनोनीत सदस्य के तौर पर नियुक्त होने वाले शायद पहले सेवानिवृत्त वरिष्ठ रक्षा अधिकारी हैं. इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. द वायर हिंदी पर संगीता बरुआ पिशारोती की रिपोर्ट.

रिटायरमेंट के बाद गोगोई बंधुओं पर सरकार की मेहरबानी

4-असम में विदेशी घोषित लोगों के लिए बने छह डिटेंशन सेंटरों में बीते एक साल के दौरान 10 लोगों की मौत हो चुकी है. यह आंकड़ा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने लोकसभा में पेश किया है. उनका कहना था कि बीते चार वर्षों के दौरान इन सेंटरों में बीमारियों की वजह से 26 लोगों की मौत हो गई है. मंत्रियों के इन बयानों से पता चलता है कि इन डिटेंशन सेंटरों में हालात कितने अमानवीय हैं. इस मुद्दे को लेकर डॉयचे वेले पर प्रभाकर की रिपोर्ट.

असम के डिटेंशन सेंटरों में हो रही हैं रहस्यमय तरीके से मौतें

4-पानी को लेकर हर तरफ बढ़ते संकट के बीच कुछ खबरें होती हैं जो भविष्य के लिए थोड़ी उम्मीद जगाती हैं. हरियाणा ही नहीं देश के भी सबसे पिछड़े इलाके मेवात के निवासी हाजी इब्राहिम की कहानी ऐसी है. उन्‍होंने वह काम किया है जो जल संकट झेल रहे दूसरे इलाकों के लिए मिसाल है. डाउन टू अर्थ पर शाहनवाज आलम की रिपोर्ट.

इस शख्‍स ने चेक डैम बना कर बढ़ा दिया भूजल स्तर