पंजाब में कोरोना वायरस संक्रमण के 31 मामले सामने आने के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पूरे राज्य में कर्फ्यू का ऐलान कर दिया है. यह कर्फ्यू 31 मार्च तक चलेगा. इस दौरान जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी. आज सुबह अमरिंदर सिंह ने राज्य के मुख्य सचिव और प्रदेश के डीजीपी के साथ एक बैठक की थी. इसमें तय हुआ कि लोग लॉकडाउन से नहीं मान रहे, इसलिए कर्फ्यू लगा दिया जाए.

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए पंजाब में पहले धारा 144 लगाई गई थी. यह बेअसर रही तो लॉकडाउन कर दिया गया. लेकिन इसका भी असर खास असर नहीं दिखा और नए मामले आते रहे तो सरकार को यह बड़ा कदम उठाना पड़ा.

इस फैसले का एक और कारण बताया जा रहा है. भारत के बाहर पंजाबियों की अच्छी-खासी संख्या है. सूबे के करीब 28 लाख लोग विदेशों में रहते हैं. हाल में इनमें बहुत से लोग पंजाब लौटे हैं और इनमें कई ऐसे हैं जिनकी कोई खोज-खबर नहीं मिल रही है. हालात और खराब न हों, इसके लिए सरकार ने पूरे राज्य में कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है.

कोरोना वायरस से गंभीर होते हालात के बीच आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि लोग लॉकडाउन को गंभीरता से नहीं ले रहे. राजधानी दिल्ली सहित देश के कई राज्यों के 75 जिलों में लॉकडाउन का ऐलान हुआ है.