शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई वाली मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने विश्वासमत हासिल कर लिया है. खबरों के मुताबिक विश्वासमत परीक्षण के लिए समय कांग्रेस का कोई विधायक सदन में मौजूद नहीं था. शिवराज सिंह चौहान ने समर्थन के लिए निर्दलीयों, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के विधायकों को धन्यवाद दिया. इसके बाद विधानसभा की कार्रवाई 27 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई.

कल राज्यपाल लालजी टंडन ने एक सादे समारोह में शिवराज सिंह चौहान को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई थी. इससे पहले भोपाल में पार्टी के कार्यालय पर भाजपा विधायकों की एक बैठक हुई थी. इस बैठक में शिवराज सिंह चौहान को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया.

शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद चौथी बार मध्य प्रदेश की कमान संभाली है. पहली बार वे 29 नवंबर 2005 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे. इसके बाद शिवराज सिंह चौहान 12 दिसंबर 2008 को दूसरी बार सीएम बने. आठ दिसंबर 2013 को उन्होंने तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली थी.

बीते हफ्ते मध्य प्रदेश में 22 विधायकों के साथ छोड़ने से 15 महीने पुरानी कमलनाथ सरकार को सत्ता गंवानी पड़ी थी. ये सभी विधायक कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं.