कोरोना वायरस से पैदा हुए संकट के बीच केंद्र सरकार एक आर्थिक पैकेज को आखिरी स्वरूप देने में लगी है. खबरों के मुताबिक इसमें असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, खासकर दिहाड़ी मजदूरों के लिए सीधे खाते में पैसे भेजने का ऐलान हो सकता है. इसके अलावा इसमें हर व्यक्ति को रियायती दर पर सात किलो राशन देने की भी तैयारी है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत की कुल श्रम शक्ति का करीब 83 फीसदी हिस्सा असंगठित क्षेत्र से ही आता है.

इस आर्थिक पैकेज में छोटे और मंझोले कारोबारियों के लिए भी कुछ घोषणाओं की तैयारी हो रही है. साथ ही इसमें बैंकिंग सेक्टर से जुड़े कुछ नियमों में ढील भी दी जा सकती है ताकि कई कंपनियां देशव्यापी लॉकडाउन के चलते पैदा हुए मुश्किल हालात का सामना कर सकें. हालांकि जानकारों के मुताबिक सरकार के सामने इस पैकेज के लिए पैसे का इंतजाम करने की चुनौती भी है.

कोरोना वायरस के चलते देश में 21 दिन का लॉकडाउन है. इससे निपटने के लिए कई राज्य पहले ही कुछ आर्थिक उपायों का ऐलान कर चुके हैं. उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और गुजरात की सरकारों ने मजदूरों के खाते में सीधे 1000-1500 रुपये पहुंचाने से लेकर उन्हें मुफ्त राशन देने जैसे कई उपायों की घोषणा की है.