कोरोना वायरस से पैदा हुए विश्वव्यापी संकट के बीच सोशल मीडिया पर फर्जी मैसेजों की भरमार है. ऐसा ही एक मैसेज वाट्सएप पर वायरल हो रहा है. यह मैसेज एक ऑडियो क्लिप के रूप में है. इसमें दो लोग आपस में बात कर रहे हैं. एक कह रहा है कि महाराष्ट्र के नागपुर में कोरोना वायरस के 59 मामले पॉजिटिव निकले हैं और 200 संदिग्ध मामलों की पहचान की गई है. यह भी दावा किया जा रहा है कि कोई डॉ. कमलेश कोरोना वायरस संक्रमण के बाद वेंटिलेटर पर हैं. मैसेज में एक शख्स यह भी कहता सुना जा रहा है कि नागपुर की लैब्स में कोविड-19 की जांच की क्षमता नहीं है इसलिए डॉक्टर का सैंपल मुंबई भेजना पड़ा.

ऑडियो मैसेज में आगे कहा जा रहा है कि महाराष्ट्र मेडिकल एसोसिएशन ने स्वीडन से छह डॉक्टरों को बुलाया है और इसके लिए प्रधानमंत्री की मंजूरी मांगी है. यह दावा कर रहे शख्स के मुताबिक ये डॉक्टर यहां 12 दिन तक रहेंगे और मरीजों के सैंपल लेंगे.

लेकिन यह वायरल मैसेज सच नहीं है. फर्जी खबरों की पड़ताल करने वाली वेबसाइट ऑल्ट न्यूज के मुताबिक उसने इस सिलसिले में नागपुर के जिला सूचना अधिकारी अनिल गाडेकर से बात की थी. उनका कहना था, ‘नागपुर में कोविड-19 के 59 मरीजों और स्वीडन से 12 दिन के लिए डॉक्टरों की एक टीम के आने का दावा करती ऑडियो क्लिप पूरी तरह से फर्जी है.’ उनका आगे कहना था, ‘इस सिलसिले में पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी गई है. साइबर सेल भी मामले को देख रही है.’

नागपुर में अभी तक कोरोना वायरस के कुल पांच मामले सामने आए हैं. इनमें सिविल सर्जन डॉ. वीडी पातुरकर शामिल हैं. वे ऐसे पहले मरीज भी हैं जिन्हें संक्रमण से उबरने के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है.