केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया है कि जो लोग लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए एक जगह से दूसरी जगह गए हैं, उन्हें तुरंत 14 दिन के लिए आइसोलेट किया जाए. सड़कों पर बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूरों को देखते हुए केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नए दिशा निर्देश जारी किए हैं.

इनमें राज्य सरकारों से कहा गया है कि वे न केवल अपने-अपने राज्य की, बल्कि जिलों की सीमाएं भी पुख्ता तरीके से सील करें. केंद्र ने कहा है कि लॉकडाउन लागू कराना जिले के डीएम और एसपी की जिम्मेदारी है, इसलिए वे यह सुनिश्चित करें कि हाईवे पर सिर्फ जरूरी वस्तुएं ले जा रहे वाहनों की ही आवाजाही हो.

रविवार को जारी किए गए इन दिशा निर्देशों के मुताबिक देश के जिस कोने में भी मजदूर हों, वहां उनके खाने-पीने की उचित व्यवस्था स्थानीय प्रशासन कराए. साथ ही प्रशासन यह भी सुनिश्चित करे कि मजदूरों को उनकी मेहनत का पैसा समय से मिलता रहे और इसमें कोई कटौती नहीं होने पाए. किसी भी मजदूर से इस समय घर का किराया न मांगा जाए. अगर कोई मकान मालिक छात्रों और मजदूरों पर घर खाली करने का दबाव डाले तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.

कोरोना वायरस के चलते 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलान होते ही बड़ी संख्या में कामगार, मजदूर अपने घरों की ओर पलायन करने लगे हैं. हालांकि, सरकार की ओर से बार-बार अपील की जा रही है कि उनके लिए पूरा इंतजाम किया जाएगा, लेकिन मजदूर रुकने को तैयार नहीं हैं. दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में कामगार और मजदूर पैदल ही अपनों घरों की ओर जा रहे हैं.