देशव्यापी लॉकडाउन के बीच शहरों से घर लौटती भीड़ का मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया है. आज इस मामले पर दायर दो जनहित याचिकाओं की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने केंद्र से जवाब मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने उससे पूछा है कि इतने बड़े पैमाने पर पलायन को देखते हुए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं. अदालत ने कहा कि घबराहट के मारे इन मजदूरों का पलायन कोरोना वायरस से बड़ी समस्या बनता जा रहा है. सरकार को मंगलवार तक अपना जवाब दाखिल करना है.

कोरोना वायरस के चलते देश में 21 दिन का लॉकडाउन घोषित है. लेकिन एक बड़ा तबका पिछले कई दिनों से सड़कों पर है. ये वे मजदूर और गरीब लोग हैं जो छह दिन पहले लॉकडाउन के ऐलान के बाद से ही घबराहट के मारे शहरों से अपने गांवों और कस्बों की तरफ चल पड़े थे. इनमें से कई ऐसे हैं जिनके घर एक से डेढ़ हजार किलोमीटर दूर हैं, लेकिन वे फिर भी पैदल चले जा रहे हैं. फिलहाल केंद्र ने निर्देश दिए हैं कि पूरे देश में एक जिले से दूसरे जिले की सीमा भी सील कर दी जाए और ऐसे जो भी लोग रास्ते में फंसे हैं उनके खाने-पीने और 14 दिन के क्वारंटाइन की व्यवस्था की जाए. केंद्र सरकार ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लागू कर दिया है जिसके तहत कोरोना वायरस के मामले में राज्यों को अब उसके हर निर्देश का पालन करना होगा.