दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके की एक मस्जिद से सभी 2100 लोगों को निकाल लिया गया है. एक धार्मिक आयोजन के सिलसिले में यहां आए 100 लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हो चुकी है. मस्जिद प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.

कोरोना वायरस से हुई कम से कम 10 मौतों के तौर इस मस्जिद के परिसर में हुए धार्मिक आयोजन से जुड़ रहे हैं. तबलीगी जमात नाम के इस संगठन का यह आयोजन आठ से 10 मार्च तक दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में हुआ था. इसमें हिस्सा लेने वाले और बाद में दम तोड़ने वाले 10 लोगों में से छह तेलंगाना से हैं जिनमें कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है. आयोजन के बाद तमिलनाडु गए 50 लोगों को भी कोरोना वायरस संक्रमण हो गया है. काफी दिनों से मस्जिद में रह रहे और फिर निकाले गए 24 लोगों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है.

इसी महीने दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में हुए तबलीगी जमात के इस आयोजन में दो हजार से भी ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया था. इनमें मलेशिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और किर्गिस्तान से आए प्रतिनिधि शामिल थे. करीब 1400 लोग आयोजन के बाद भी इस जगह टिके रहे और इसी बीच 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान हो गया. बताया जा रहा है कि निजामुद्दीन इलाके में लोगों की एक बड़ी तादाद में कोरोना वायरस के लक्षण दिखने की खबर मिली थी. इसके बाद दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के साथ डॉक्टरों की एक टीम वहां पहुंची थी.

इन लोगों के संपर्क में आने वाले लोगों की भी पहचान की गई है और उन्हें अस्पतालों में ले जाया गया है. आयोजन में हिस्सा लेने वाले सभी लोगों से अपील की गई है कि वे अपने-अपने यहां संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें. निजामुद्दीन इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है. इस आयोजन की अगुवाई करने वाले मौलाना के खिलाफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं.

और भी बड़ी चिंता की बात यह है कि आयोजन खत्म होने के बाद लोगों की एक बड़ी तादाद 20-30 बसों में भरकर देश के अलग-अलग इलाकों में स्थित अपने घरों को लौट गई थी. अब इन लोगों की खोज के लिए व्यापक अभियान छेड़ा गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय का निर्देश है कि जल्द से जल्द इनका पता लगाया जाए. माना जा रहा है कि इन लोगों की वजह से कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में अब तेज बढ़ोतरी हो सकती है. फिलहाल यह आंकड़ा 1200 को पार कर चुका है.