कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए निजामुद्दीन के मरकज से लाए गए लोगों ने प्रशासन के सामने नई तरह की समस्या खड़ी कर दी है. गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल में भर्ती इन लोगों पर नर्सो से छेड़छाड़ करने के गंभीर आरोप लगे हैं.

एमएमजी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) ने गाजियाबाद के जिलाधिकारी (डीएम), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक‌ (एसएसपी) और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को इसकी लिखित शिकायत दी है. सीएमएस ने अपने शिकायत पत्र में कहा है, ‘आइसोलेसन में रखे गए कोरोना वायरस के संभावित जमाती मरीज वार्ड में बिना पैंट के घूम रहे हैं और अश्लील गाने सुन रहे हैं. ये लोग अस्पताल की नर्सों व कर्मचारियों से बीड़ी सिगरेट मांग रहे हैं तथा महिला कर्मियों से अश्लील इशारे कर रहे हैं...ऐसी स्थिति में अस्पताल में इनका इलाज करना संभव नहीं हो पा रहा है.’ सीएमएस ने मांग की है कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाए जिससे इन लोगों को सयंमित रखकर इनका इलाज किया जा सके.

एमएमजी अस्पताल पहुंचे गाजिबाद के एसपी सिटी मनीष कुमार मिश्रा ने इस मसले पर जानकारी देते हुए कहा कि तब्लीगी जमात के छह लोगों को यहां रखा गया है. सीएमओ की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है.

इससे पहले गुरूवार को दिल्ली सरकार ने भी दिल्ली पुलिस से अपने आइसोलेसन सेंटर के लिए पर्याप्त सुरक्षा मांगी थी. दिल्ली की स्वास्थ्य सचिव पद्मिनी सिंघला ने इस बारे में दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में स्वास्थ्य सचिव ने निजामुद्दीन के मरकज से लाए गए लोगों के चलते हो रही समस्या के बारे में बताया था और पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की थी.

स्वास्थ्य सचिव के मुताबिक निजामुद्दीन के मरकज से लाए गए लोग कानून-व्यवस्था के लिए समस्या खड़ी कर रहे हैं. अस्पताल के कर्मचारियों के लिए उनको संभालना बहुत मुश्किल हो रहा है.