गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल में नर्सों के साथ बदतमीजी की खबरों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने आरोपितों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाने का आदेश दिया है. यहां तबलीगी जमात के पांच सदस्यों को कोरोना वायरस संक्रमण की आशंका के मद्देनजर आइसोलेशन में रखा गया है और मामले में आरोप उन्हीं पर है. मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने डीएम, एसएसपी और स्थानीय पुलिस से इसकी शिकायत की थी. इस घटना पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसी प्रवृत्ति के लोगों के साथ पूरी सख्ती बरती जाएगी और उन्हें कानून का पालन करना सिखाया जाएगा. अस्पताल से नर्सों और दूसरी महिला स्वास्थ्यकर्मियों को हटाने के आदेश भी दिए गए हैं.

इससे पहले एमएमजी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने अपने शिकायत पत्र में कहा था, ‘आइसोलेशन में रखे गए कोरोना वायरस केसंभावित जमाती मरीज वार्ड में बिना पैंट के घूम रहे हैं और अश्लील गाने सुन रहे हैं. ये लोग अस्पताल की नर्सों व कर्मचारियों से बीड़ी सिगरेट मांग रहे हैं तथा महिला कर्मियों से अश्लील इशारे कर रहे हैं...ऐसी स्थिति में अस्पताल में इनका इलाज करना संभव नहीं हो पा रहा है.’ उन्होंने आगे कहा था कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाए जिससे इन लोगों को संयमित रखकर इनका इलाज किया जा सके.

उधर, मध्य प्रदेश के इंदौर में स्वास्थ्यकर्मियों की एक टीम पर पथराव करने के मामले में गिरफ्तार नौ लोगों पर भी एएसए लगा दिया गया है. यह टीम कल कोरोना वायरस के एक संदिग्ध की जांच करने के लिए गई थी. तभी भीड़ ने उस पर पथराव कर दिया.