कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के हालात को देखते हुए मोदी सरकार ने छोटे आयकरदाताओं और व्यापारिक संस्थानों को तुरंत राहत देने का फैसला किया है. सरकार ने निर्णय लिया है कि पांच लाख रुपये तक के लंबित इनकम टैक्स रिफंड का तुरंत भुगतान किया जाएगा. सरकार के इस फैसले से करीब 14 लाख करदाताओं को फायदा होगा.

केंद्र सरकार के इस फैसले से करदाताओं को तुरंत रिफंड मिलेगा और उन्हें नकदी की दिक्कत नहीं होगी. नियम के अनुसार रिफंड में दो महीने तक का वक्त लग जाता है क्योंकि टैक्स रिटर्न फाइल होने के बाद आयकर विभाग ई-वेरिफिकेशन करता है, और फिर रिफंड की प्रक्रिया शुरू होती है. हालांकि, कुछ विशेष मामलों में लोगों को 15 दिनों में भी रिफंड मिल जाता है.

इसके अलावा बुधवार को केंद्र सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया. इस फैसले के तहत सभी लंबित जीएसटी और कस्टम रिफंड जारी किए जाएंगे. इससे एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) सहित लगभग एक लाख व्यापारिक संस्थाओं को लाभ मिलेगा. इस तरह सरकार कुल 18,000 करोड़ रुपये का रिफंड जारी करेगी.

बीते महीने भी कोरोना वायरस से उपजे हालात से सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए कुछ बड़े कदम उठाये थे. इसके तहत आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख 31 मार्च से बढ़ाकर 30 जून कर दी गई थी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि अगले तीन महीने तक बैंकों में मिनिमम बैलेंस रखने की भी शर्त लागू नहीं होगी और न ही किसी एटीएम से पैसा निकालने पर कोई चार्ज लगेगा.