कोरोना वायरस संकट के चलते इन दिनों जिन चीजों की मांग अचानक बढ़ गई है उनमें हैंड सैनिटाइजर्स भी हैं. आलम यह है कि कई जगहों से इनकी किल्लत की खबर आ रही है. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है जिसमें सुरक्षाकर्मियों से घिरे दो लोग दिख रहे हैं. साथ ही बरामद किये गए नकली सैनिटाइजर्स और उन्हें बनाने में इस्तेमाल कच्चा माल और मशीनें भी नजर आ रही हैं. वायरल हो रही पोस्ट में कहा जा रहा है कि यह बरामदगी भारत से हुई है और यह गलत काम करने वाले लोग मुसलमान हैं. यानी इस खबर को एक सांप्रदायिक एंगल भी दे दिया गया है.

लेकिन क्या यह खबर सच है? इसका जवाब है कि यह आधा सच है. लेकिन सच पूरा होता है और आधा या पौना सच झूठ ही होता है. तो असल में यह खबर बांग्लादेश की है. यहां के नारायणगंज जिले में पड़े एक छापे में भारी मात्रा में नकली हैंडसैनिटाइजर बरामद हुआ था. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट के साथ लगाई गई तस्वीरों को देखें तो एक में सुरक्षाकर्मी की वर्दी पर आरएबी लिखा दिखता है. आरएबी यानी रैपिड एक्शन बटालियन जो अपराध और आतंकवाद से निपटने के लिए बनी बांग्लादेश पुलिस की विशेष शाखा है.

कई बांग्लादेशी समाचार वेबसाइटों पर भी यह खबर छपी है. इसके मुताबिक आरएबी ने इसी तीन अप्रैल को नारायणगंज जिले में चल रही एक फैक्ट्री पर छापा मारा था. इस दौरान नकली हैंड सैनिटाइजर्स की सैकड़ों बोतलें मिलीं. इस सिलसिले में कुछ लोगों को भी गिरफ्तार किया गया. यानी सोशल मीडिया पर जो पोस्ट वायरल हो रही है उसे एक झूठ के साथ अलग संदर्भ में पेश किया गया है. वैसे बीते दिनों भारत में भी हैदराबाद और हरियाणा के मानेसर में नकली हैंडसैनिटाइजर बनाने वालों पर कार्रवाई हुई है.