कोरोना वायरस के फैलते संकट के बीच केंद्र ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 15 हजार करोड़ रु की लागत वाली एक योजना को मंजूरी दी है. इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार ही उठाएगी. कोविड-19 इमरजेंसी रेस्पॉन्स एंड हेल्थ सिस्टम प्रिपेयर्डनेस पैकेज नाम की यह योजना तीन चरणों में लागू की जाएगी. पहला चरण जून 2020 तक चलेगा. दूसरा जुलाई 2020 से मार्च 2021 तक और तीसरा अप्रैल 2021 से मार्च 2024 तक.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने इस सिलसिले में एक सर्कुलर जारी किया है. इसमें कहा गया है कि इस योजना के तहत मिलने वाला पैसा खासतौर से कोविड-19 (कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी) के लिए बनने वाले अस्पतालों, आईसीयू, मेडिकल सेंटरों में ऑक्सीजन की सप्लाई और बचाव के उपकरणों की खरीद जैसी गतिविधियों में खर्च किया जाएगा.

भारत में अभी तक कोरोना वायरस के करीब 5700 मामले सामने आए हैं. कुल मौतों का आंकड़ा 166 तक पहुंच गया है. महाराष्ट्र इस महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित है. जहां 1100 से भी ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं और 72 लोगों की मौत हुई है.