मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रिमंडल का गठन कर दिया है. आज राज्यपाल लालजी टंडन ने पांच मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इनमें से दो कांग्रेस से भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत हैं. शिवराज सिंह चौहान ने 23 मार्च को राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. कोरोना वायरस संकट को देखते हुए उन्होंने अकेले ही शपथ ली थी. यानी बीते करीब एक महीने से वे बिना मंत्रिमंडल के ही काम कर रहे थे जिसे लेकर विपक्षी कांग्रेस ने कई बार उन पर निशाना साधा था.

मध्य प्रदेश की सरकार के मंत्रिमंडल में अधिकतम 35 सदस्य हो सकते हैं जिनमें मुख्यमंत्री शामिल हैं. बताया जा रहा है कि फिलहाल विभागों का बंटवारा नहीं होगा बल्कि यह काम तीन मई को मंत्रिमंडल के दूसरे संभावित विस्तार के बाद हो सकता है.

मध्य प्रदेश में बीते महीने दो हफ्ते तक चली सियासी उथल-पुथल के बाद करीब 13 महीने पुरानी कांग्रेस सरकार गिर गई थी. ऐसा तब हुआ जब ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके कई समर्थक विधायकों ने पार्टी छोड़ दी. सरकार बचाने की तमाम कोशिशें नाकाम होने के बाद आखिरकार मुख्यमंत्री कमलनाथ को इस्तीफा देना पड़ा था.