कोरोना वायरस संकट के कारण विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए सरकार ने तैयारी कर ली है. सरकार ने विदेश से आने वालों के लिए किराये की रकम तय कर दी है. यह किराया यात्रियों को ही चुकाना होगा. मंगलवार को नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यह जानकारी दी है.

एएनआई के मुताबिक उन्होंने कहा कि यूरोप से आने के लिए पचास हजार रुपये और अमेरिका से लौटने के लिए एक लाख रुपये की दर तय की गई है. हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए सात मई से 13 मई तक 64 विमानों का परिचालन होगा.

हरदीप सिंह पुरी ने आगे कहा कि लंदन से मुंबई, लंदन से अहमदाबाद, लंदन से बेंगलुरु और लंदन से दिल्ली के लिए पचास हजार रुपये देने होंगे. वहीं, शिकागो से दिल्ली, शिकागो से हैदराबाद के लिए लगभग एक लाख रुपये देने पड़ेंगे. पूरी के मुताबिक सैन फ्रांसिस्को और नेवार्क से लौटने वालों को भी एक-एक लाख रुपये ही चुकाने होंगे.

इस समय अन्य देशों में करीब 15 हजार भारतीय फंसे हुए हैं. सरकार ने बीते सोमवार को इन्हें वापस लाने का फैसला किया था. अब सात मई से भारत से विशेष उड़ानें अमेरिका, कुवैत, फिलीपींस, बांग्लादेश, ब्रिटेन, सऊदी अरब, मलेशिया और संयुक्‍त अरब अमीरात (यूएई) को भेजी जाएंगी.