आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में हुए गैस हादसे में मरने वालों की संख्या 13 तक पहुंच गई है. 1000 से ज्यादा लोगों के बीमार होने की खबर है. यह हादसा आज तड़के तब हुआ जब लॉकडाउन के बाद बंद पड़े एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के कैमिकल प्लांट को फिर शुरू किया गया. इसी दौरान बड़े-बड़े टैंकों में रखी गई गैस लीक हो गई. इस हादसे का असर तीन किलोमीटर के दायरे में पड़ा है.

यह प्लांट एलजी पॉलीमर्स नाम की एक कंपनी का है. बताया जा रहा है कि हादसा प्लांट को लंबे समय बाद फिर से खोले जाने के दौरान जरूरी सावधानियां न बरतने के चलते हुआ. इलाके के आसपास के लोगों को इसका पता तब चला जब उन्हें आंखों में तेज जलन और सांस लेने में दिक्कत होने लगी. उधर, मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने अधिकारियों को बचाव और राहत कार्य के लिए हर मुमकिन कदम उठाने का निर्देश दिया है. एलजी पॉलीमर्स से घटना को लेकर जवाब भी मांगा गया है और लापरवाही पाए जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

इस हादसे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक आपात बैठक की. इसमें गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर एक ट्वीट करते हुए विशाखापत्तनम में सभी की सुरक्षा और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की. उनका यह भी कहना था कि हालात पर नजर रखी जा रही है.

1961 में बना यह प्लांट पहले हिंदुस्तान पॉलीमर्स का था. बाद में इस कंपनी को दक्षिण कोरिया की कंपनी एलजी कैमिकल्स ने खरीद लिया और 1997 में इसका नाम एलजी पॉलीमर्स इंडिया हो गया. इस प्लांट में खिलौनों और घरेलू उपकरणों में इस्तेमाल होने वाला प्लास्टिक बनता है.