दिल्ली के बॉयज लॉकर रूम मामले में चौंकाने वाला एक नया मोड़ आ गया है. दिल्ली पुलिस की साइबर सेल के मुताबिक सामूहिक बलात्कार यानी गैंगरेप वाली टिप्पणी इंस्टाग्राम पर बने इस प्राइवेट चैट रूम में हुई ही नहीं. पुलिस का कहना है कि यह टिप्पणी स्नैपचैट पर हुई थी और इसे करने वाला कोई लड़का नहीं बल्कि एक लड़की ही थी जिसने एक फर्जी आईडी बनाई हुई थी.

डीसीपी (साइबर सेल) अन्येश राय के मुताबिक लड़की ने अपने एक दोस्त का चरित्र जांचने की मंशा के साथ यह टिप्पणी की थी. इसमें उसने खुद के साथ गैंगरेप करने की बात कही थी, लेकिन लड़के ने इस बात को खारिज करते हुए इसका स्क्रीनशॉट अपने कुछ दोस्तों को भेज दिया. सनसनीखेज होने के कारण यह कई ग्रुप्स में पहुंच गया जिनमें बॉयज लॉकर रूम भी शामिल है. पुलिस के मुताबिक लड़की ने यह बात मान ली है. एक अधिकारी का कहना है कि फर्जी आईडी बनाना गलत है, लेकिन लड़की की मंशा गलत नहीं थी इसलिए कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा.

‘बॉयज लॉकर रूम’ देश का अपनी तरह का पहला मामला है जिसमें इंस्टाग्राम पर हुई चैट के आधार पर आपराधिक मामला बनाया गया है. पुलिस अब तक ग्रुप के एडमिन और एक नाबालिग सदस्य को हिरासत में ले चुकी है. ग्रुप के सदस्य रहे 24 लड़कों से पूछताछ की गई है. इस सारे मसले में एक दुखद पक्ष यह है कि पुलिस की कार्रवाई के डर से गुरूग्राम (गुड़गांव) का एक नाबालिग छात्र आत्महत्या कर चुका है.