बीते 24 घंटे में 3604 की बढ़ोतरी के साथ भारत में कोरोना वायरस के मरीजों का आंकड़ा 70 हजार को पार (70756) कर गया है. इस दरम्यान 87 लोगों की मौत भी हुई. इसके साथ ही देश में कोरोना वायरस से जान गंवाने वालों का आंकड़ा 2293 तक पहुंच गया है. अब तक 22455 लोग इस महामारी से उबर भी चुके हैं. कोरोना वायरस के मामलों को 60 से 70 हजार पहुंचने में सिर्फ तीन दिन लगे हैं. जानकारों के मुताबिक संक्रमण का प्रकोप इसी तरह बढ़ता रहा तो एक हफ्ते के भीतर ही यह आंकड़ा एक लाख तक पहुंच सकता है.

उधर, कोरोना वायरस के चलते घोषित देशव्यापी लॉकडाउन इस समस्या से सबसे बुरी तरह से प्रभावित इलाकों में 17 मई के बाद भी जारी रह सकता है. लेकिन उन इलाकों में छूट में बढ़ोतरी हो सकती है जहां समस्या ज्यादा नहीं है. इस सिलसिले में कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों की एक बैठक हुई थी. बताया जाता है कि इस दौरान पांच राज्यों ने प्रधानमंत्री से लॉकडाउन को आगे बढ़ाने की मांग की. ये राज्य हैं पंजाब, महाराष्ट्र, तेलंगाना, बंगाल और बिहार. हालांकि, कोरोना वायरस से दूसरा सबसे ज्यादा पीड़ित राज्य गुजरात लॉकडाउन को 17 मई के बाद आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं है. बैठक के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि रेड जोन को छोड़कर पूरी दिल्ली में आर्थिक गतिविधियां खोल दी जानी चाहिए.

माना जा रहा है कि रेड जोन घोषित किए गए इलाकों में रात का कर्फ्यू और सार्वजनिक परिवहन पर रोक जैसे प्रतिबंध 17 मई के बाद भी जारी रह सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे 15 मई तक मौजूदा दिशा-निर्देशों में बदलाव के बारे में अपने सुझाव उन्हें भेज दें. इस बैठक के बाद जारी एक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री का कहना था, ‘पहले चरण में लॉकडाउन के जिन कदमों की जरूरत थी, उनकी दूसरे चरण में नहीं थी. तीसरे चरण में जरूरी कदमों की चौथे में आवश्यकता नहीं.’