कोरोना वायरस संकट से जूझ रही अर्थव्यवस्था के लिए 20 लाख करोड़ रु के पैकेज के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद अब सबकी नजरें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर हैं. आज शाम चार बजे वे इस पैकेज से जुड़े अहम बिंदुओं की जानकारी देंगी. इससे पहले वित्त मंत्री ने कई सिलसिलेवार ट्वीट किए हैं. इनमें उनका कहना है कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ प्रगति नहीं बल्कि कायाकल्प है. निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘हम महामारी की इस चुनौती को अवसर में बदलेंगे.’ उनका आगे कहना था कि आत्मनिर्भर भारत नाम के इस अभियान का मतलब खुद को अलग करना नहीं बल्कि मिलकर काम करना है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘हम अपनी क्षमताएं बढ़ाएंगे, लोगों को हुनर सिखाएंगे और मजबूत होकर दुनिया में प्रतिस्पर्धा करेंगे.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह निर्मला सीतारमण ने भी 2001 में गुजरात के कच्छ में आए भूकंप का जिक्र किया और कहा कि लोगों की जिजीविषा और प्रतिबद्धता से यह इलाका फिर से खड़ा हो गया.

इससे पहले राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि 20 लाख करोड़ रुपये का यह पैकेज 2020 में देश की विकास यात्रा को नई गति देगा. उनका कहना था, ‘इस पैकेज में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी क्षेत्रों पर बल दिया गया है. ये आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, लघु उद्योग और मंझोले उद्योग (एमएसएमई) के लिए हैं, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन हैं, जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार हैं.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, ‘ये आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक के लिए है, देश के उस किसान के लिए है जो हर स्थिति, हर मौसम में देशवासियों के लिए परिश्रम कर रहा है. ये आर्थिक पैकेज हमारे देश के मध्यम वर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देता है, देश के विकास में अपना योगदान देता है.’