1-सरकार ने कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए एक लाख करोड़ रु का फंड बनाने का ऐलान किया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 लाख करोड़ रु के आर्थिक पैकेज का ब्योरा देती अपनी तीसरी प्रेस कॉन्प्रेंस में यह ऐलान किया. उन्होंने कहा कि इससे भंडारण की क्षमता, निर्यात और किसानों की आय बढ़ाने में तत्काल मदद मिलेगी. वित्त मंत्री का कहना था कि इसका फायदा कृषि उद्यमियों, खेती से जुड़े स्टार्ट अप्स और सहकारी संगठनों को मिलेगा. निर्मला सीतारमण ने यह भी कहा कि पिछले दो महीनों में प्रधानमंत्री किसान कल्याण और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 18,700 करोड़ और 6,400 करोड़ रुपये का फंड ट्रांसफर किया गया है.

2-वित्त मंत्री ने माइक्रो फूड एंटरप्राइज़ (एमएफई) बनाने के लिए भी 10 हजार करोड़ रुपये की घोषणा की. उनके मुताबिक दो लाख माइक्रो फूड एंटरप्राइज़ को इसका लाभ मिलेगा. इसके अलावा मत्स्य क्षेत्र में समेकित, सतत और समावेशी विकास के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की शुरूआत की जाएगी. निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस कदम से 55 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा और इस क्षेत्र में निर्यात का आंकड़ा दोगुना होकर एक लाख करोड़ रु होगा.

3-भारत में पशुधन को बढ़ाने के उद्देश्य से (भैंस, भेड़, बकरी और सुअर) ‘राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम’ की शुरूआत भी की गई है. इसके लिए 13343 करोड़ रु का बजट रखा गया है. इस कार्यक्रम के तहत सभी पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा. पशुपालन क्षेत्र के लिए आधारभूत ढांचा भी विकसित किया जाएगा. इसके लिए 15 हजार करोड़ रु का प्रावधान किया गया है.

4-हर्बल खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने 4,000 करोड़ रुपये के प्रावधान को मंजूरी दी है. वित्त मंत्री ने कहा कि दो साल में लगभग 10 लाख हेक्टेयर में हर्बल प्रॉड्क्टस की खेती होगी जिससे किसानों को 5,000 करोड़ की आय होगी. इसके अलावा मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के विकास के लिए निर्मला सीतारमण ने 500 करोड़ रु की योजना लाने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि इससे दो लाख मधुमक्खी पालकों को फायदा होगा. वित्त मंत्री के मुताबिक इसमें भी विशेष ध्यान इस बात पर दिया जाएगा कि इस क्षेत्र में महिलाओं की सक्रियता बढ़े.

5-निर्मला सीतारमण ने ऑपरेशन ग्रीन का विस्तार टमाटर, प्याज और आलू के अलावा बाकी सभी फल और सब्जियों के लिए भी करने का ऐलान किया. इसके तहत उत्पादों को सरप्लस वाले इलाकों में ऐसे इलाकों में ले जाने पर ढुलाई में 50 फीसदी सब्सिडी मिलती है जहां उनकी कमी है. कोल्ड स्टोरेज में रखने पर लगने वाली लागत पर भी सरकार आधी सब्सिडी देगी. किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके इसके लिए सरकार आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन भी करेगी. निर्मला सीतारमण ने कहा कि जोखिम रहित खेती सुुनिश्चित करने के अलावा निश्चित आय और गुणवत्ता के मानकीकरण के लिए एक नया कानून बनाया जाएगा. यह कानून किसान को आकर्षक मूल्य पर उपज बेचने के लिए पर्याप्त विकल्प प्रदान करेगा.