उड़ीसा, आंध्रप्रदेश और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाक़ों से तूफ़ान ‘अम्फान’ के टकराने की चेतावनी जारी की गई है. यह तूफ़ान अगले बारह घंटों में ओड़िशा पहुंच सकता है. भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक़ बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के चलते इस चक्रवाती तूफ़ान की आशंका खड़ी हो गई है. एहतियात के तौर पर उड़ीसा सरकार ने 12 तटवर्ती ज़िलों में अलर्ट जारी करते हुए संबंधित कलेक्टरों को संभावित हालात से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है.

भारतीय मौसम विभाग

उड़ीसा के विशेष राहत आयुक्त प्रदीप जेना ने इस बारे में बयान दिया है कि उड़ीसा डिजास्टर एक्शन फोर्स (ओडीआरएएफ), नेशनल डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) और अग्निशमनकर्मियों को तैयार रहने के निर्देश दिए जा चुके हैं. हालांकि उनकी तैनाती का निर्णय मौसम विभाग की तरफ़ से चक्रवात के रास्ते के संकेत मिलने के बाद लिया जाएगा. उड़ीसा सरकार ने मछुआरों को भी शुक्रवार से बंगाल की खाड़ी में, ख़ासतौर पर दक्षिण और मध्य भाग में न जाने की सलाह दी है. जो मछुआरे पहले से समुद्र के इन हिस्सों में गए हुए हैं, उन्हें भी तुरंत वापस लौटने के आदेश दिए गए हैं.

बीते साल इन्हीं दिनों उड़ीसा में फानी तूफान की वजह से बड़े स्तर पर जान-माल की हानि हुई थी. ख़बरों के मुताबिक इस तूफान की वज़ह से वहां एक करोड़ 65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए थे और 64 से ज़्यादा लोग मारे गए थे. वहीं जानवरों के मारे जाने की संख्या 34 लाख से ज़्यादा थी. बीते साल पश्चिम बंगाल को भी बुलबुल नाम के तूफ़ान की वजह से भारी तबाही झेलनी पड़ी थी.