कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से आर्थिक पैकेज पर पुनर्विचार करने की मांग की है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये एक प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि इस समय लॉकडाउन से सबसे बुरी तरह प्रभावित लोगों के खाते में सीधे पैसे भेजने की जरूरत है. राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार ने 20 लाख करोड़ रु का जो राहत पैकेज घोषित किया है, वह कर्जों का पैकेज है जिससे मजदूरों और किसानों को फौरी राहत नहीं मिलने वाली.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘लोगों को पैसे की जरूरत है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पैकेज पर पुनर्विचार करना चाहिए. मोदीजी को खाते में सीधे पैसा भेजने के बारे में सोचना चाहिए.’ राहुल गांधी ने उस न्याय योजना का भी जिक्र किया जिसका वादा कांग्रेस ने पिछले आम चुनाव के दौरान किया था और जिसमें सबसे गरीब लोगों को हर साल 72 हजार रु देने की बात थी. उन्होंने कहा कि सरकार को इसी तरह की कोई योजना लानी चाहिए. राहुल गांधी ने कहा, ‘सड़कों पर चल रहे प्रवासी मजदूरों को पैसे की जरूरत है, कर्ज की नहीं. जो किसान मुस्किल में है उसे भी पैसा चाहिए, कर्ज नहीं.’ उनका आगे कहना था कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो यह समस्या आपदा जैसी हो जाएगी.

मोदी सरकार ने कोरोना वायरस संकट के चलते मुश्किलों से जूझती अर्थव्यवस्था के लिए 20 लाख करोड़ रु का आर्थिक पैकेज घोषित किया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बीते दिन दिनों में तीन प्रेस वार्ताओं के जरिये इसके अहम बिंदुओं का ऐलान कर चुकी हैं.