कोरोना वायरस के चलते घोषित लॉकडाउन के दौरान सीमा पार करने की कोशिश कर रहे भारतीय किसानों को रोकने के लिए नेपाली पुलिस द्वारा हवाई फायरिंग किए जाने की खबर है. यह घटना बिहार से सटे झापा जिले में हुई. बताया जा रहा है कि इन किसानों ने यहां मक्का की खेती के लिए जमीन पट्टे पर ले रखी है और वे फसल कटाई के लिए सीमा पार करना चाह रहे थे. बीबीसी के मुताबिक फायरिंग में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है. इस महीने की शुरुआत में भी ऐसी ही एक घटना हुई थी.

उधर, गृह मंत्रालय ने कहा है कि स्थानीय प्रशासन इस समस्या का हल खोजने की सलाह दी है. गृह मंत्रालय के प्रवक्ता केदार नाथ शर्मा के अनुसार भारतीय नागरिकों को खेती करने के लिए पहचान पत्र देकर मसला हल किया जा सकता है. दूसरी तरफ, स्थानीय प्रशासन का कहना है कि भारत के समकक्ष अधिकारियों के साथ चर्चा करके कोई समाधान निकाला जा सकता है.

भारत-नेपाल के रिश्ते इन दिनों नकारात्मक कारणों से सुर्खियों में हैं. हाल में नेपाल ने लिपुलेख में भारत की उस सड़क का विरोध किया था जो कैलाश मानसरोवर की यात्रा में लगने वाला समय घटाने के लिए बनाई गई है. सत्ताधारी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा था कि लिपुलेख में भारत का सड़क बनाना उसकी संप्रभुता का उल्लंघन है. नेपाल ने इस सिलसिले में एक बयान भी जारी किया है जिस पर प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के हस्ताक्षर हैं. इसके बाद भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे का बयान आया था कि हो सकता है नेपाल ने यह विरोध किसी और के कहने पर किया हो. सेना प्रमुख ने किसी का नाम तो नहीं लिया लेकिन माना जा रहा है कि संकेत साफ तौर पर चीन की तरफ था.