केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि कोई भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश 31 मई तक लागू देशव्यापी लॉकडाउन के लिए जारी दिशा-निर्देशों में अपनी तरफ से कोई ढील न दे. केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को एक चिट्ठी लिखी है. इसमें यह भी कहा गया है कि स्थितियों के आकलन के आधार पर वे विभिन्न क्षेत्रों में कुछ अन्य गतिविधियों को प्रतिबंधित कर सकते हैं. अजय भल्ला का कहना है, ‘मैं आपसे आग्रह करूंगा कि नए दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें और सभी संबंधित अधिकारियों को उनके सख़्त कार्यान्वयन के लिए निर्देशित करें.’

पूरे देश में कोरोना वायरस संकट के चलते घोषित लॉकडाउन को 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है. इस बाबत केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से नए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं. अब राज्यों को पहले के मुकाबले फैसले लेने की ज्यादा छूट दी गई है. केंद्र ने लॉकडाउन के दौरान राज्यों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन बनाने का अधिकार दिया है. साथ ही अब राज्य ही यह तय करेंगे कि किन इलाकों में बसों का परिचालन शुरू किया जाएगा. राज्य खुद आपसी सहमति से अंतरराज्यीय यात्री वाहनों, बस सेवाओं की आवाजाही को अनुमति भी दे सकते हैं. हालांकि, इस दौरान कोरोना हॉटस्पॉट इलाकों में बसें चलाने की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा सैलून और पार्लर की दुकानों को खोलने का फैसला भी केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों पर छोड़ दिया है.

भारत में कोरोना वायरस के मामलों में बीते 24 घंटे में सबसे तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है. इस दौरान संक्रमण के 5242 मामले दर्ज हुए हैं. इसके साथ ही देश में कोरोना वायरस के मामलों की कुल संख्या 96169 हो गई है. अब तक यह वायरस 3019 लोगों की जान भी ले चुका है. स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अब तक करीब 37 हजार लोग इसके संक्रमण से उबर आए हैं और इस तरह देखें तो रिकवरी रेट 38.29 रहा है. कोरोना वायरस सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है. यहां मामलों का आंकड़ा 33 हजार को पार कर चुका है. बीते 24 घंटे में राज्य में 2347 नए मामले दर्ज हुए. महाराष्ट्र के बाद गुजरात, तमिलनाडु और दिल्ली का स्थान है.