अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को फिर चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि संस्था ने एक महीने के भीतर अपना ढर्रा नहीं सुधारा तो अमेरिका उसकी फंडिंग हमेशा के लिए रोक देगा. फिलहाल अप्रैल से इस पर अस्थायी रोक लगी हुई है. अमेरिका ने डब्ल्यूएचओ को बीते साल 40 करोड़ डॉलर का फंड दिया था.

डोनाल्ड ट्रंप ने डब्ल्यूएचओ के निदेशक टेड्रॉस ऐडहॉनम गीब्रियेसस को एक चिट्ठी लिखी है. इसमें उन्होंने कहा है कि संस्था ने कोरोना वायरस को लेकर अपना काम ठीक से नहीं किया. अमेरिकी राष्ट्रपति का आरोप है कि डब्ल्यूएचओ ने वायरस से जुड़ी शुरुआती खबरों की उपेक्षा की और उसका चीन के प्रति ज्यादा ही झुकाव रहा. डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक अगर 30 दिन के भीतर संस्था ने बड़े सुधार नहीं किए तो अमेरिका न सिर्फ उसकी फंडिंग हमेशा के लिए रोक देगा बल्कि वह इससे अपनी सदस्यता भी खत्म कर सकता है.

डोनाल्ड ट्रंप पहले भी इस वैश्विक संस्था पर कोरोना वायरस के प्रसार के बारे में जानकारियां छिपाने का आरोप लगाते रहे हैं. बीते महीने उन्होंने कहा था कि अगर डब्ल्यूएचओ अपना काम ठीक से करता तो इस महामारी का प्रसार 20 गुना कम होता.

दुनिया भर में कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी कोविड-19 से मरने वालों की संख्या तीन लाख को पार कर गई है. संक्रमितों का 48 लाख पार हो गया है. अरबों लोग इसके चलते अपने घरों में कैद हैं. इस सबका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है.