सुप्रीम कोर्ट ने आज चर्चित पत्रकार और रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी की वह याचिका ठुकरा दी जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ चल रहा एक मामला सीबीआई को ट्रांसफर करने का अनुरोध किया था. शीर्ष अदालत ने उनकी यह अपील भी खारिज कर दी कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द की जाए. हालांकि अर्णब गोस्वामी को थोड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक तीन हफ्ते के लिए बढ़ा दी. उसका कहना था कि मीडिया की जुबान बंद करने से नागरिकों की आजादी भी खतरे में पड़ती है.

यह मामला बीती 21 अप्रैल का है जब रिपब्लिक टीवी चैनल पर अपने एक कार्यक्रम के दौरान अर्नब गोस्वामी ने सोनिया गांधी पर विवादित टिप्पणी की थी. उन्होंने कथित तौर पर महाराष्ट्र के पालघर जिले में दो साधुओं सहित तीन लोगों की लिंचिंग के लिए कांग्रेस अध्यक्ष को दोषी ठहरा दिया था. उन्होंने कहा था, ‘अगर पादरियों की हत्या होती तो रोम से आई हुई, इटली वाली, एंतोनिया माइनो, सोनिया गांधी चुप नहीं रहती. मुझे लगता है कि मन ही मन वो खुश है कि सड़कों पर संतों को मारा गया है. वो इटली में रिपोर्ट भेजेगी कि जहां पर मैंने एक सरकार बना ली वहां पर हिंदू संतों को मैं मरवा रही हूं.’ अर्णब गोस्वामी की इस विवादित टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर में दस से ज्यादा एफआईआर दर्ज हुई हैं. इसके बाद से ही उनके ऊपर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है.