चक्रवाती तूफान आज पश्चिम बंगाल से टकराएगा. इस दौरान राज्य के सात जिलों में तेज हवाएं और बहुत भारी बारिश की संभावना है. बताया जा रहा है कि हवाओं की रफ्तार 185 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है और इनके चलते समुद्र में 10-15 फीट ऊंची लहरें उठ सकती हैं. पश्चिम बंगाल के कोलकाता और ओडिशा के बालासोर जैसे कई इलाकों में अंफन के चलते बारिश शुरू हो चुकी है.

अंफन बंगाल की खाड़ी में बीते कुछ दशक के दौरान आए सबसे भयानक चक्रवाती तूफानों में से एक है. इसके चलते पश्चिम बंगाल और ओडिशा में चार लाख से भी ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. पड़ोसी देश बांग्लादेश में यह आंकड़ा 20 लाख से भी ज्यादा है.

इस तूफान की भयावहता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबंधित अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक कर तैयारियों का जायजा ले चुके हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ओडिशा के मुखिया नवीन पटनायक को फोन कर उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया है. सेना और एनडीआरएफ हाई अलर्ट पर हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि प्रभावित इलाकों में लोग अब तभी बाहर निकलें जब सरकार कहे.

अंफन चलते पश्चिम बंगाल और ओडिशा के उन हजारों मजदूरों की भी मुसीबतें बढ़ गई हैं जो लॉकडाउन की वजह से अन्य प्रदेशों से अपने-अपने गांवं की ओर लौट रहे हैं. हालांकि सरकार ने उनके लिए विशेष श्रमिक ट्रेनें चलवाई हैं, लेकिन जाने वालों की भीड़ इतनी ज़्यादा है कि बहुत से लोग पैदल ही यात्रा कर रहे हैं. यानी कोरोना वायरस से परेशान इन लोगों की मुश्किलों को अंफन बढ़ाने वाला है.