चक्रवाती तूफान अंफन बुधवार को पश्चिम बंगाल में भारतीय तट से टकरा गया. वहां भारी बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने कहा कि पश्चिम बंगाल में दोपहर ढाई बजे अंफन ने दस्तक दी और यह अगले चार घंटे तक यह जारी रहेगा. इससे कोलकाता में 120 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.

अंफन बंगाल की खाड़ी में बीते कुछ दशक के दौरान आए सबसे भयानक चक्रवाती तूफानों में से एक है. इसके चलते पश्चिम बंगाल और ओडिशा में चार लाख से भी ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. एनडीआरएफ ने जानमाल की हानि रोकने के लिए 53 टीमें तैनात की हैं.

इस तूफान की भयावहता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबंधित अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक कर तैयारियों का जायजा ले चुके हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ओडिशा के मुखिया नवीन पटनायक को फोन कर उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया है. सेना और एनडीआरएफ हाई अलर्ट पर हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि प्रभावित इलाकों में लोग अब तभी बाहर निकलें जब सरकार कहे.

अंफन चलते पश्चिम बंगाल और ओडिशा के उन हजारों मजदूरों की भी मुसीबतें बढ़ गई हैं जो लॉकडाउन की वजह से अन्य प्रदेशों से अपने-अपने गांवं की ओर लौट रहे हैं. हालांकि सरकार ने उनके लिए विशेष श्रमिक ट्रेनें चलवाई हैं, लेकिन जाने वालों की भीड़ इतनी ज़्यादा है कि बहुत से लोग पैदल ही यात्रा कर रहे हैं. यानी कोरोना वायरस से परेशान इन लोगों की मुश्किलों को अंफन बढ़ाने वाला है.