प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चक्रवाती तूफ़ान अंफन से प्रभावित पश्चिम बंगाल और ओड़िशा का दौरा कर रहे हैं. तूफ़ान प्रभावित इलाक़ों का हवाई सर्वे करने के बाद वे समीक्षा बैठकों में भाग लेंगे. इन बैठकों में प्रभावित लोगों को राहत और उनके पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.

गुरुवार को ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अंफन तूफान से हुई तबाही के बाद राज्य का दौरा करने की अपील की थी. ममता बनर्जी के मुताबिक उन्होंने इतना विनाशकारी चक्रवात अब तक नहीं देखा. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए थे. इनमें से एक में उन्होंने लिखा, ‘तूफ़ान अंफन की वजह से पश्चिम बंगाल में जो तबाही हुई है, मैं उसके दृश्य देख रहा हूं. यह मुश्किल घड़ी है. पूरा देश इस समय पश्चिम बंगाल के साथ एकजुट खड़ा है. मैं प्रदेश के लोगों की भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं. हालात को क़ाबू में लाने के लिए उचित प्रयास किए जा रहे हैं.’

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट के ज़रिए कहा था कि ‘राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ़) तूफ़ान प्रभावित क्षेत्रों में जिम्मेदारी संभाले हुए हैं. शीर्ष अधिकारी स्थिति पर करीब से नज़र बनाए रखने के साथ पश्चिम बंगाल सरकार के साथ समन्वय बिठाकर काम कर रहे हैं.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की ही तरह ओड़िशा के लोगों के लिए भी सहानुभूति जताते हुए लिखा, ‘मेरी संवेदनाएं ओड़िशा के लोगों के साथ हैं जिन्होंने डटकर अंफन तूफ़ान से मुक़ाबला किया है. अधिकारी ज़मीनी स्तर पर प्रभावितों की मदद की हरसंभव कोशिश में जुटे हैं. मैं हालात के सामान्य होने की प्रार्थना करता हूं.’

अंफन बुधवार दोपहर ढाई बजे पश्चिम बंगाल के तट से टकराया था. 160 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले इस तूफान ने पश्चिम बंगाल और ओड़िशा में भारी तबाही मचाई है. इस तूफ़ान की वजह से पश्चिम बंगाल में अब तक 72 लोगों की जान जा चुकी है. इनमें से 15 मौतें अकेले राजधानी कोलकाता में हुईं हैं. ओड़िशा में अभी तक किसी जनहानि की ख़बर नहीं है.