लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों के पलायन और उनकी मुश्किलों पर नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने एक बड़ा बयान दिया है. उनका कहना है कि केंद्र और राज्य सरकारें इन मजदूरों के लिए इससे कहीं ज्यादा कर सकती थीं. एनडीटीवी के मुताबिक उन्होंने कहा कि लॉकडाउन कोरोना वायरस संकट पर काबू पाने में सफल रहा, लेकिन प्रवासी मजदूरों के पलायन से उपजे संकट से ठीक से नहीं निपटा गया. हालांकि अमिताभ कांत का यह भी कहना था कि इस मामले में केंद्र सरकार एक सीमा से ज्यादा कुछ नहीं कर सकती थी और राज्य सरकारों को ख्याल रखना चाहिए था कि मजदूरों के शहर छोड़ने की नौबत न आए.
कोरोना वायरस के चलते बीते करीब दो महीनों से जारी देशव्यापी लॉकडाउन के बीच लाखों मजदूर शहरों से अपने गांवों की तरफ पलायन कर रहे हैं. उनकी एक बडी़ संख्या चिलचिलाती गर्मी में पैदल ही रास्ता नाप रही है. इनमें छोटे-छोटे बच्चे भी हैं और गर्भवती महिलाएं भी. कई मजदूर अलग-अलग हादसों में जान भी गंवा चुके हैं. चौतरफा दबाव के बाद केंद्र सरकार ने आखिरकार कुछ समय पहले उनके लिए विशेष ट्रेन और बस सेवाएं शुरू की हैं. हालांकि मजदूरों की एक बड़ी संख्या अब भी सड़क पर है.
फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर हमसे जुड़ें | सत्याग्रह एप डाउनलोड करें
Respond to this article with a post
Share your perspective on this article with a post on ScrollStack, and send it to your followers.