एयर इंडिया के विमानों में बीच वाली सीट की बुकिंग न रोकने का अनुरोध करती एक याचिका पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई है. अदालत ने कहा, ‘आपको सिर्फ एयर इंडिया की चिंता हैं, पर हमें देश की चिंता है.’ सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि कोरोना वायरस संकट को देखते हुए बीच की सीट छोड़ने की व्यवस्था लागू की जाए. उसका कहना था कि फिलहाल 10 दिन मौजूदा व्यवस्था चल सकती है, लेकिन उसके बाद यह आदेश लागू हो.

इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि एयर इंडिया को विदेशों से आने वाली फ्लाइटों में बीच की एक सीट खाली छोड़नी होगी. हाईकोर्ट ने कहा था कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए अपनी एडवाइजरी में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने घरेलू उड़ानों में यात्रियों के बीच दूरी बनाए रखने का निर्देश दिया है और यह नियम अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी लागू होना चाहिए. हाई कोर्ट में एयर इंडिया के एक पायलट ने कंपनी के ख़िलाफ़ याचिका दायर की थी. उसका कहना था कि एयरलाइन निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रही है.

हाई कोर्ट के खिलाफ केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची. आज ईद होने के बावजूद इस मसले पर आपात सुनवाई हुई. सरकार को फटकारते हुए हुए शीर्ष अदालत ने कहा, ‘आपको यात्रियों की सेहत की चिंता होनी चाहिए. अगर हर सीट पर यात्री बैठेंगे तो संक्रमण का खतरा होगा.क्या वायरस ये देखेगा कि ये एयरक्राफ्ट है और यहां यात्रियों में संक्रमण नहीं फैलाना है.’