अब जिन भी राज्यों को उत्तर प्रदेश के कामगार चाहिए उन्हें इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार से इजाजत लेनी पड़ेगी. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह बात कही है. हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि यह सुनिश्चित कैसे किया जाएगा. उन्होंने दूसरे राज्यों पर उत्तर प्रदेश के कामगारों के साथ ठीक बर्ताव न करने का आरोप लगाया. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक आयोग बनाया जाएगा जो इस दिशा में मदद करेगा कि कामगारों को राज्य में ही रोजगार मिल जाए. कोरोना वायरस के चलते जारी लॉकडाउन के बीच अभी तक दूसरे राज्यों से 20 लाख से भी ज्यादा मजदूर उत्तर प्रदेश लौट चुके हैं.
उधर, योगी आदित्यनाथ के इस बयान पर विवाद होता दिख रहा है. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के मुखिया राज ठाकरे ने इसे लेकर उन पर निशाना साधा है. एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘ऐसा है तो अब अगर ये कामगार आगे से महाराष्ट्र में आते हैं तो उन्हें हमारी, महाराष्ट्र की और महाराष्ट्र पुलिस की इजाजत लेनी होगी. इसके बिना वे यहां काम करने नहीं आ पाएंगे. ये बात योगी आदित्यनाथ को ध्यान में रखनी होगी.’
#महाराष्ट्रधर्म #InterStateMigrantWorkmenAct pic.twitter.com/cfWRKT8CiG
— Raj Thackeray (@RajThackeray) May 25, 2020
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