लद्दाख में भारत-चीन तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और तीनो सेना प्रमुखों से मुलाकात की है. सूत्रों के मुताबिक इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के साथ चल रहे गतिरोध पर चर्चा की है. इससे पहले प्रधानमंत्री ने विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला के साथ भी एक अलग बैठक की थी. आज ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी तीनों सेना प्रमुखों से मुलाकात की थी.

इन बैठकों का दौर ऐसे समय चल रहा है, जब सिक्किम और लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास कई इलाकों में चीन और भारत के सैनिकों की झड़पें हुई हैं. सैन्य सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ समय से सीमा के पास भारत ने पैंगोंग त्सो और गलवान घाटी में अपनी स्थिति मजबूत की है. इन दोनों विवादित क्षेत्रों में चीनी सेना ने अपने दो से ढाई हजार सैनिकों की तैनाती कर दी है और वह धीरे-धीरे अस्थायी निर्माण को मजबूती दे रही है.

एनडीटीवी के मुताबिक सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि चीन लद्दाख के पास एक एयरबेस का विस्तार कर रहा है. तस्वीरों से यह भी खुलासा होता है कि चीन ने वहां लड़ाकू विमान भी तैनात किए हैं.