कोरोना वायरस संकट से परेशान किसानों की मुश्किलें टिड्डियों के प्रकोप ने और बढ़ा दी हैं. राजस्थान और पंजाब सहित देश के नौ राज्यों पर या तो इनकी मार है या फिर उन पर इनका खतरा मंडरा रहा है. टिड्डियां राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में 47 हजार हेक्टेयर से भी ज्यादा जमीन पर खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा चुकी हैं. सरकारें इन्हें खत्म करने की कोशिशों में लगी हैं . केंद्र सरकार के टिड्डी चेतावनी संगठन (एलडब्ल्यूओ) ने आगाह किया है कि इन टिड्डियों को मानसून से पहले खत्म करना जरूरी है, क्योंकि ऐसा नहीं करने पर खरीफ की फसलों को भारी नुकसान हो सकता है.

भारत में इस साल टिड्डियों का पहला हमला अप्रैल की शुरुआत में राजस्थान में हुआ था. ये टिड्डियां पाकिस्तान से भारत में दाखिल हुई हैं. आमतौर पर इनका असर पश्चिमी राजस्थान के जिलों तक रहता है. लेकिन इस बार ये जयपुर और उससे आगे भी पहुंच गई हैं. फसलें चट करती हुईं ये टिड्डियां एक दिन में 200 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती हैं. यानी ये बहुत कम समय में बहुत बड़े इलाके में खेती-बाड़ी तबाह कर सकती हैं. फिलहाल इन पर कीटनाशकों का छिड़काव जारी है. इसके अलावा किसान इन्हें थाली बजाने जैसे पारंपरिक तरीकों से भी भगाने की कोशिशें कर रहे हैं.