कोरोना वायरस महामारी और इसके चलते लगाए गए लॉकडाउन का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी-मार्च की तिमाही में देश की विकास दर यानी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की दर गिरकर 3.1 फीसदी पर आ गई है. पिछले पूरे वित्त वर्ष की बात करें तो 2019-20 की जीडीपी वृद्धि दर घटकर 4.2 फीसदी रह गयी. यह बीते 11 साल का सबसे निचला स्तर है. इससे पहले 2009 में जीडीपी वृद्धि दर इस स्‍तर तक पहुंची थी.

वित्त वर्ष 2018-19 की जनवरी-मार्च की तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत रही थी, जबकि पिछले पूरे वित्त वर्ष में वृद्धि दर 6.1 फीसदी रही थी. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 2019-20 में आर्थिक वृद्धि दर पांच प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था. एनएसओ ने भी ऐसी ही भविष्य वाणी की थी. इस लिहाज से देखें तो जीडीपी के ताजा आंकड़े सरकार के अनुमान से 0.8 फीसदी कम हैं.

अर्थ जगत के जानकारों का मानना है कि कोविड-19 महामारी को काबू करने के लिए सरकार द्वारा लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ा है. हालांकि, इससे पहले जनवरी और फरवरी के दौरान दुनिया भर में आर्थिक गतिविधियां सुस्त रहीं, जिसका भी असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ा है.