कोरोना वायरस संकट के बीच वाशिंगटन, लॉस एंजलस और ह्यूस्टन सहित अमेरिका के कई बड़े शहरों में रात का कर्फ्यू लगा दिया गया है. ऐसा नस्लभेद विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हो रही भारी हिंसा को देखते हुए किया गया है. लोगों की नाराजगी एक वीडियो क्लिप के वायरल होने के बाद सामने आई. इसमें एक पुलिस अधिकारी जॉर्ज फ्लॉयड नाम के एक निहत्थे और अश्वेत व्यक्ति की गर्दन पर घुटना टेककर उसे दबाता दिखता है. इसके कुछ ही मिनटों बाद 46 साल के जॉर्ज फ्लॉयड की मौत हो गई थी. यह मिनेपॉलिस की घटना है.

इसके बाद से हिंसा, आगजनी और लूटपाट की खबरें लगातार आ रही हैं. स्थिति यह हो गई कि व्हाइट हाउस के बाहर जमा प्रदर्शनकारियों पर पुलिस को आंसूगैस छोड़नी पड़ी. ये प्रदर्शनकारी आगजनी करने के साथ संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे थे. कुछ खबरों के मुताबिक सुरक्षा हालात को देखते हुए बीते शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कुछ समय के लिए एक भूमिगत बंकर में ले जाना पड़ा था.

उधर, ट्रंप प्रशासन सड़कों पर उतरे लोगों को घरेलू आतंकी कह रहा है. उसका यह भी कहना है कि इनसे सख्ती से निपटा जाएगा. दूसरी तरफ, कई राजनेताओं ने लोगों से शांत होने की अपील की है. इस मामले में आरोपित पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया है.