दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल पहुंच गया है. इसने वहां आज सुबह दस्तक दी. 2013 के बाद यह पहली बार है जब मॉनसून केरल में समय से पहुंचा है. मौसम विभाग केरल में मॉनसून आने की घोषणा तब करता है जब राज्य के अलग-अलग हिस्सों में स्थित इसके 14 केंद्रों में लगातार दो या इससे ज्यादा दिनों तक 2.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हो जाए.

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देश में 70 फीसदी से ज्यादा बारिश मॉनसूनी महीनों में ही होती है. मौसम विभाग ने इस बार सामान्य मॉनसून की भविष्यवाणी की है. केरल में मॉनसून समय से आने का मतलब यह है कि इस बार पूरे देश में इसकी आमद 15 जुलाई से पहले हो जाएगी.

मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि अरब सागर में उठा एक चक्रवाती तूफान तीन जून तक गुजरात और महाराष्ट्र के तट से टकरा सकता है. इसके चलते मुंबई, ठाणे और पालघर जिलों में भारी बारिश होने सी आशंका है. इसे देखेत हुए विभाग ने मुंबई और ठाणे के लिए ऑरेन्ज जबकि पालघर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है.