प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई केंद्रीय कैबिनेट की एक बैठक में कई अहम निर्णय लिये गए हैं. इनके बारे में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, नितिन गडकरी और नरेंद्र सिंह तोमर ने एक प्रेस वार्ता में जानकारी दी. कैबिनेट की बैठक में आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम दर्जे के उद्योगों (एमएसएमई) की परिभाषा को बदलने की मंजूरी दी गई है. ऐसा 14 साल बाद हुआ है जब एमएसएमई की परिभाषा बदली गई है. इसके तहत निवेश और कारोबार के लिए तय सीमा बढ़ा दी गई है. ऐसा इसलिए किया गया है कि ताकि ज्यादा से ज्यादा इकाइयों को बीते दिनों घोषित आर्थिक पैकेज का फायदा मिले.

संकट में पड़े एमएसएमई के लिए 20 हजार करोड़ रु का प्रावधान किया गया है. नितिन गडकरी के मुताबिक इससे करीब दो लाख इकाइयों को फायदा होगा. इसके अलावा एमएसएमई के लिए 50 हजार करोड़ की इक्विटी का प्रस्ताव भी है. इसके तहत सरकार एमएसएमई इकाइयां स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होंगी और सरकार उनमें शेयर खरीदेगी.

इसके अलावा शहरी और आवास मंत्रालय ने रेहड़ी पटरी वालों के लिए विशेष लोन की व्यवस्था भी की है. प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इस योजना का नाम पीएम स्वनिधि रखा गया है. इसके तहत 10 हजार रु तक का लोन दिया जाएगा. इसे वे मासिक किश्तों में अधिकतम एक साल तक लौटा सकते हैं. कैबिनेट ने किसानों के लिए फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को एमएसपी को डेढ़ गुना ज्यादा करने की बात भी कही है. किसानों के लिए उनके पुराने कर्ज चुकाने की आखिरी तारीख 31 मई से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है.

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