चर्चित रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने भारत की रेटिंग घटा दी है. खबरों के मुताबिक एजेंसी ने भारत की रेटिंग ‘बीएए2’ से घटाकर ‘बीएए3’ कर दी है. मूडीज का कहना है कि धीमी आर्थिक वृद्धि के कारण जो स्थिति पैदा हुई है उसकी वजह से देश की वित्तीय हालत बिगड़ सकती है. एजेंसी ने इससे पहले जून 1998 में भारत की रेटिंग कम की थी. मूडीज के मुताबिक इस वित्तीय वर्ष में देश की जीडीपी में चार फीसदी की गिरावट आएगी और ऐसा चार दशक में पहली बार होगा.

कोरोना वायरस संकट के अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे असर से निपटने के लिए मोदी सरकार ने हाल में 20 लाख करोड़ रु के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है. उधर मूडीज का कहना है कि मौजूदा स्थिति की वजह कोरोना वायरस से उपजी कोविड-19 महामारी नहीं है. उसके मुताबिक इसका कारण आर्थिक सुधारों का कमजोर क्रियान्वयन है. एजेंसी ने कहा है, ‘यह रेटिंग कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर जरूर है लेकिन, यह कोरोना महामारी के असर के कारण नहीं है.’ उसके मुताबिक इस महामारी से पहले ही भारत का क्रेडिट प्रोफाइल बिगड़ गया था जिसके कारण अर्थव्यवस्था में जोखिम बढ़ा है.

उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कोरोना वायरस के चलते लगाए गए लॉकडाउन को पीछे छोड़कर भारत अनलॉक 1.0 में प्रवेश कर चुका है और जल्द ही वह विकास की राह पर लौटेगा. उनके मुताबिक आत्मनिर्भर भारत अब सबसे बड़ी प्राथमिकता है और अब इस रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ा जाएगा