एक शख्स की पुलिस हिरासत में मौत के बाद पूरे अमेरिका में उबाल है. लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं. आलम यह है कि राजधानी वाशिंगटन सहित देश के कई बड़े शहरों में रात का कर्फ्यू लगाना पड़ा है. उधर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर प्रांतीय गवर्नर हालात पर काबू पाने में असफल रहे तो सड़कों पर सेना उतारकर शांति स्थापित की जाएगी. ट्रंप प्रशासन ने विरोध जता रहे लोगों को आतंकवादी भी कहा है.

इस बीच, अमेरिका के एक प्रमुख शहर ह्यूस्टन की पुलिस के मुखिया आर्ट असेवेदो का एक बयान भी सुर्खियों में आ गया है. एक चैनल से बात करते हुए उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को चुप रहने की नसीहत दी है. आर्ट असेवेदो का कहना था, ‘मैं अमेरिका के पुलिस प्रमुखों की तरफ से अमेरिका के राष्ट्रपति से कहना चाहता हूं कि अगर आप कोई ढंग की बात नहीं कर सकते तो मुंह बंद रखिए.’ उन्होंने आगे कहा कि पुलिस का काम लोगों पर प्रभुत्व स्थापित करना नहीं बल्कि उनके दिल जीतना है और डोनाल्ड ट्रंप जो कह रहे हैं उससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है.

आर्ट असेवेदो एक लोकप्रिय पुलिस अधिकारी हैं. उन्होंने विरोध कर रहे लोगों के साथ एकजुटता भी जताई है. वे ह्यूस्टन में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान खुद लोगों के साथ चल रहे हैं और उन्हें समझा रहे हैं कि वे हिंसा से बचें. लोग उनका खूब समर्थन करते भी दिख रहे हैं.

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अमेरिका में हालात एक वीडियो क्लिप के वायरल होने के बाद बिगड़ने शुरू हुए. इसमें एक पुलिस अधिकारी जॉर्ज फ्लॉयड नाम के एक निहत्थे और अश्वेत व्यक्ति की गर्दन पर घुटना टेककर उसे दबाता दिखता है. इसके कुछ ही मिनटों बाद 46 साल के जॉर्ज फ्लॉयड की मौत हो गई. यह घटना 22 मई को मिनेपॉलिस में हुई थी. इसके बाद से अमेरिका के सभी बड़े शहरों में हिंसा और विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. हालात कितने खराब हैं इसका अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि सोमवार को जब डोनाल्ड ट्रंप मीडिया से बातचीत कर रहे थे तो उसी दौरान व्हाइट हाउस के पास जमा प्रदर्शनकारियों पर पुलिस आंसूगैस छोड़ रही थी. बिगड़ते सुरक्षा हालात को देखते हुए बीते शुक्रवार को राष्ट्रपति को कुछ समय के लिए एक भूमिगत बंकर में भी ले जाना पड़ा था.