मशहूर उद्योगपति राजीव बजाज ने कहा है कि कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन को भारत में बहुत बेरहमी के साथ लागू किया गया. उन्होंने यह बात कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ एक विशेष संवाद में कही. राजीव बजाज का कहना था, ‘ये सभी के लिए नया अनुभव है. ये एक कड़वा-मीठा अनुभव है. हमारे जैसे कुछ लोग, जो इसे झेल सकते हैं वे घर पर रहने से बहुत दुखी नहीं है. लेकिन जब आपने आसपास व्यवसायों और जनता की स्थिति देखते हैं तो ये निश्चित रूप से मीठे की तुलना में अधिक कड़वा है.’ उन्होंने इस पर भी हैरानी जताई कि भारत ने कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए पश्चिम के बजाय पूरब के देशों की तरफ क्यों नहीं देखा.

इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि स्थिति काफी गंभीर है. कांग्रेस नेता का कहना था, मैं नहीं समझता कि विश्व युद्ध के दौरान भी दुनिया बंद कर दी गई थी. तब भी चीज़ें खुली थीं. ये अकल्पनीय और विनाशकारी परिस्थिति है.’ उधर, राजीव बजाज का कहना था कि उनके दुनिया भर में मित्र और परिचित हैं और उन्होंने इस तरह के लॉकडाउन के बारे में किसी से नहीं सुना. उन्होंने कहा, ‘दुनिया भर से मेरे सभी दोस्त और परिवार के लोग हमेशा बाहर निकलने, टहलने, घूमने, अपनी ज़रूरत की चीजें खरीदने के अलावा किसी से भी मिलने और नमस्ते कहने के लिए स्वतंत्र हैं. इसलिए इस लॉकडाउन के सामाजिक और भावनात्मक पहलुओं के संदर्भ में कहें तो वे लोग बेहतर हाल में हैं.’

फिलहाल कोरोना वायरस के चलते घोषित लॉकडाउन का पांचवां चरण चल रहा है. इसके लिए जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक कंटेनमेंट जोन में 30 जून तक लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है. बाकी इलाकों में चरणबद्ध तरीके से परिवहन से लेकर शिक्षण तक वे तमाम गतिविधियां फिर से शुरू की जाएंगी जिन पर पाबंदी लगी हुई थी.