जाने-माने फिल्म निर्देशक निर्देशक बासु चटर्जी का निधन हो गया है. वे 90 साल के थे. खबरों के मुताबिक वे काफी समय से उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे. आज मुंबई में उन्होंने आखिरी सांस ली.

अजमेर में जन्मे और पले-बढ़े बासु चटर्जी ने अपने करियर की शुरुआत एक कार्टूनिस्ट के तौर पर की थी. वे एक जमाने की चर्चित मैगजीन ब्लिट्ज से 18 साल तक जुड़े रहे. इसके बाद उन्होंने फिल्मों का रुख किया. राजकपूर और वहीदा रहमान की मशहूर फिल्म तीसरी कसम में उन्होंने जाने-माने निर्देशक बासु भट्टाचार्य को असिस्ट किया. इसके तीन साल बाद 1969 में बासु चटर्जी ने अपनी पहली फिल्म निर्देशित की. यह थी सारा आकाश. यहां से शुरू हुआ सिलसिला छोटी सी बात, रजनीगंधा, बातों-बातों में, एक रुका हुआ फैसला और चमेली की शादी तक कई यादगार फिल्मों तक पहुंचा.

ऋषिकेश मुखर्जी की तरह बासु चटर्जी की फिल्में भी मुख्यधारा और समानांतर सिनेमा के बीच की एक जमीन पर चलती थीं. ज्यादातर फिल्मों में उनके नायक-नायिकाओं ने उस समय के मध्यवर्ग की आम जिंदगी से जुड़े खट्टे-मीठे अनुभव परदे पर जादुई रूप से साकार किए. कई बड़े सितारे उनकी फिल्मों में अपनी आम छवि से अलग नजर आए. चाहे वे मिथुन चक्रवती (शौकीन) हों या अमिताभ बच्चन (मंजिल). बासु चटर्जी ने ब्योमकेश बख्शी और रजनी जैसे मशहूर धारावाहिक भी बनाए थे.