समय का फेर पुराना मुहावरा है. इसका नया उदाहरण इन दिनों प्रवासी मजदूर हैं. ज्यादा वक्त नहीं हुआ जब लंबे लॉकडाउन के चलते इन मजदूरों की एक बड़ी संख्या शहरों से पैदल ही सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर घर लौटने को मजबूर हुई थी. अब खबर है कि हैदराबाद के कई बिल्डर इन मजदूरों को हवाई जहाज से वापस बुला रहे हैं. फ्लाइटों के अलावा उनके लिए एसी ट्रेनों के टिकट की भी व्यवस्था की जा रही है.

असल में मजदूरों की एक बड़ी संख्या के घर लौट जाने से बिल्डर परेशान हैं. लॉकडाउन में ढील के बाद निर्माण कार्य शुरू हो गया है. लेकिन मजदूर ढूंढे से नहीं मिल रहे. खासकर उन बिल्डरों को काफी परेशानी हो रही है जिनके प्रोजेक्ट जल्द ही पूरे होने वाले थे. इसके चलते वे पटना, लखनऊ और रांची जैसे शहरों से मजदूरों को फ्लाइट से बुलवा रहे हैं. इसके लिए प्रति मजदूर उन्हें पांच हजार रु तक खर्च करने पड़ रहे हैं, लेकिन वे तैयार हैं.

हैदराबाद के रियल एस्टेट समूह प्रेस्टीज ग्रुप से जुड़े आर सुरेश कुमार द टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहते हैं, ‘यह संकट का समय है इसलिए मजदूरों को वापस बुलाने के लिए हमें पैसा खर्च करना ही होगा.’ उनकी कंपनी ने छह जून को पटना से 10 कारपेंटरों को फ्लाइट के जरिये लाने की व्यवस्था की है. इसी तरह शहर के ओम श्री बिल्डर्स ने 300 मजदूरों को एसी ट्रेन का टिकट देकर बुलाया है. कंपनी ने उन्हें 10-10 हजार रु एडवांस देने का वादा भी किया है.