केंद्रीय गृह मंत्रालय ने निजामुद्दीन स्थित मरकज में तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए करीब 2300 विदेशी जमातियों पर बड़ी कार्रवाई की है. मंत्रालय ने इन सभी के भारत आने पर 10 साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है. गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि वीजा नियमों का उल्लंघन करने वाले विदेशी जमातियों को काली सूची में डाला गया है, अब ये 10 साल तक भारत नहीं आ सकेंगे. खबरों के मुताबिक प्रतिबंधित किए गए अधिकांश विदेशी नागरिक इंडोनेशिया, मलेशिया, थाईलैंड, नेपाल, म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका और किर्गिस्तान के हैं.

इससे पहले बीते दो अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 960 विदेशी जमातियों को काली सूची में डाला था और उनके वीजा रद्द कर दिए थे. इन विदेशी नागरिकों के खिलाफ विदेशी अधिनियम-1946 और आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई के आदेश भी दिए गए थे.

बीते मार्च में देश में कोरोना वायरस के प्रसार के चलते दिल्ली में धार्मिक समारोह पर रोक लगा दी गई थी. इसके बावजूद तब्लीगी जमात से जुड़े देश-विदेश के करीब 2361 लोग दिल्ली के निज़ामुद्दीन स्थित मरकज में कई दिनों तक एक साथ रहे. इनमें से कुछ कोरोना वायरस से संक्रमित थे. यहां से निकलकर करीब 824 विदेशी नागरिक देश के अलग-अलग हिस्सों में धार्मिक गतिविधियों में शामिल हुए. माना जाता है कि वजह से देश में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से उछाल आया.

इस मामले पर निजामुद्दीन मरकज की ओर से भी सफाई दी गयी थी. मरकज की व्यवस्था देखने वाले लोगों का कहना था कि वे 24 मार्च से लगातार दिल्ली पुलिस और प्रशासन के संपर्क में थे. मरकज से लोगों को बाहर निकालने के लिए कर्फ्यू पास की मांग कर रहे थे. 28 मार्च को एसडीएम और डब्ल्यूएचओ की टीम कुछ लोगों को जांच के लिए भी ले गई थी. इससे पहले छह लोगों को तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था. हालांकि, इसके बाद दिल्ली और उसके आसपास रहने वाले 1500 लोगों को उनके घर भेज दिया था.