कोरोना वायरस के चलते घोषित लॉकडाउन ने अर्थव्यवस्था की हालत पतली कर दी है. लेकिन ऐसी विपरीत परिस्थितियों में भी कुछ कंपनियों की बिक्री में जबर्दस्त उछाल देखी गई है. इन्हीं में से एक है पारले. खबरों के मुताबिक कंपनी ने कहा है कि उसके लोकप्रिय ब्रांड पारले-जी ने लॉकडाउन के दौरान पिछले 82 सालों की बिक्री का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.

पारले-जी पिछले कई दशकों से बिस्किट का एक मशहूर ब्रांड रहा है. महज पांच रुपए में मिलने वाला इसका पैकेट लॉकडाउन के बाद अपने घरों को पैदल ही निकले प्रवासियों के पास खूब देखा गया. कइयों ने इसे भूख मिटाने के सबसे सस्ते विकल्प के तौर पर खुद खरीदा तो लोगों ने भी मदद के तौर पर इसे जमकर बांटा. कंपनी ने इसकी बिक्री के आंकड़े तो नहीं बताए पर यह जरूर कहा कि मार्च, अप्रैल और मई पिछले आठ दशकों में उसके सबसे अच्छे महीने रहे हैं. पारले के मुताबिक उसकी कुल बाजार हिस्सेदारी करीब पांच फीसदी बढ़ी है और इसमें 90 फीसदी योगदान पारले-जी का है. यह खबर इसलिए भी अहम है कि बीते साल पारले ने बिक्री में कमी आने का हवाला देते हुए बड़े पैमाने पर छंटनी की बात कही थी.

पारले-जी को इस बात का भी फायदा मिला कि लॉकडाउन के कुछ ही समय बाद कंपनी ने कामकाज शुरू कर दिया था. कंपनी ने अपने कर्मचारियों के आने-जाने की सुविधा पर भी ध्यान दिया और साथ ही अपने डिस्ट्रीब्यूशन चैनल को भी दुरुस्त रखा ताकि रीटेल आउटलेट पर बिस्किट की कमी ना हो. वैसे इन तीन महीनों के दौरान बाकी बिस्किट कंपनियों की बिक्री भी बढ़ी है. बताया जा रहा है कि ब्रिटैनिया के टाइगर और गुड डे जैसे ब्रांड भी खूब बिके.