प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर कहा है कि कोरोना वायरस से उपजी आपदा भारत के लिए एक अवसर लेकर भी आई है. उन्होंने यह बात आज इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के 95वें वार्षिक सत्र के उद्घाटन के दौरान कही. नरेंद्र मोदी का कहना था, ‘हर देशवासी अब इस संकल्प से भी भरा हुआ है कि इस आपदा को अवसर में परिवर्तित करना है, इसे हमें देश का बहुत बड़ा टर्निंग पॉइंट भी बनाना है.’ प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘ये टर्निंग पॉइंट क्या है. हर वो चीज, जिसे इम्पोर्ट करने के लिए देश मजबूर है, वो भारत में ही कैसे बने, भविष्य में उन्हीं प्रोडक्ट्स का भारत एक्सपोर्टर कैसे बने, इस दिशा में हमें और तेजी से काम करना है.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन दिनों कोरोना वायरस से पूरी दुनिया लड़ रही है, लेकिन भारत के सामने तूफान और बाढ़ से लेकर टिड्डी दल तक अन्य तरह के संकट भी निरंतर खड़े हो रहे हैं. प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘कभी-कभी समय भी हमें परखता है, हमारी परीक्षा लेता है. कई बार अनेक कठिनाइयां, अनेक कसौटियां एक साथ आती हैं. लेकिन हमने ये भी अनुभव किया है कि इस तरह की कसौटी में हमारा कृतित्व, उज्ज्वल भविष्य की गारंटी भी लेकर आता है.’ नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक साथ मिलकर बड़ी से बड़ी आपदा का सामना करने की देश की इच्छाशक्ति बहुत बड़ी ताक़त है. उनका कहना था, ‘मुसीबत की दवाई मजबूती है.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए जो निर्णय हाल में हुए हैं, उन्होंने कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को वर्षों की गुलामी से मुक्त कर दिया है. उन्होंने कहा, ‘अब भारत के किसानों को अपने उत्पाद, अपनी उपज देश में कहीं पर भी बेचने की आज़ादी मिल गई है.’ प्रधानमंत्री का यह भी कहना था कि स्थानीय उत्पादों के लिए जिस क्लस्टर बेस्ड अप्रोच को अब भारत में बढ़ावा दिया जा रहा है, उसमें भी सभी के लिए अवसर ही अवसर हैं. उन्होंने कहा कि जिन जिलों, जिन ब्लॉक्स में जो पैदा होता है, वहीं आसपास इनसे जुड़े क्लस्टर विकसित किए जाएंगे.