कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अमेरिका में नस्लवाद के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों की तुलना भारत के माहौल से करते हुए कहा है कि दोनों देशों में असहिष्णुता बढ़ रही है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आज पूर्व अमेरिकी राजदूत निकोलस बर्न्स से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत, दोनों जगह समाज को बांटकर देश की बुनियाद कमजोर करने वाले लोग खुद को राष्ट्रवादी कहते हैं.

राहुल गांंधी ने कहा अमेरिका और भारत, दोनों की मिट्टी में सहिष्णुता है. उनका कहना था, ‘मुझे लगता है कि हम एक जैसे इसलिए हैं, क्योंकि हम सहिष्णु हैं. हम बहुत सहिष्णु राष्ट्र हैं. हमारा डीएनए सहनशील माना जाता है. हम नए विचारों को स्वीकार करने वाले हैं. हम खुले विचारों वाले हैं.’ उनका आगे कहना था, ‘लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि वो अब गायब हो रहा है. यह काफी दुःखद है कि मैं अब उस स्तर की सहिष्णुता को नहीं देखता जो मैं पहले देखता था. ये दोनों ही देशों में नहीं दिख रही.’ उनका यह भी कहना था कि इस सबके बावजूद वे भविष्य को लेकर आशान्वित हैं.

कोरोना वायरस संकट के इस दौर में राहुल गांधी अलग-अलग क्षेत्र की जानी-मानी हस्तियों के साथ संवाद कर रहे हैं. इससे पहले वे आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन और नोबेल विजेता अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी के साथ भी चर्चा कर चुके हैं.